Tere Mere Pal

Har Waqt Badalta Pal!

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! पथ अग्नि की होगी…चलना जरुरी है !

पथ अग्नि की होगी…चलना जरुरी है कठिन है डगर मगर गुजरना जरुरी है अंजाम की अब फ़िक्र किसे तप में तपस जरुरी है बननी है मिट्टी से मूरत अगर स्वरूप बदलना जरुरी है पथ अग्नि की होगी…चलना जरुरी है कठिन है डगर मगर गुजरना जरुरी है ! Written by: Abhishek Verma FacebookTwitterGoogle+

! ऐ दिल तू मेरे करीब है !

ये वक़्त भी बड़ा अजीब है ऐ दिल तू मेरे करीब है धड़कता नहीं तू बिन मेरे ये रब का ही दस्तूर है ! ख्याल रखना तूने सिखाया दिल को धड़कना तूने सिखाया होती है ख़ामोशी की जुबा हमको समझना तूने सिखाया ! ख़ामोशी की जुबा दर्द दिल में है कोई खेल ये सब वक़्त नसीबो का है कोई दिल …Continue reading →

! तुझसे मिलने का कोई एहसास न था !

तुझसे मिलने का कोई एहसास न था वक़्त थी कम कोई जज्बात न था इश्क़ होता है क्या ये अब जाना है जिन्दा तो आज भी हूँ ….तापस होती है क्या ये पहचाना है तुझसे बिछुड़े वक़्त थम सा गया वक़्त का खेल होता है क्या….अब ये जाना है कह नहीं सकते हाले – दिल अपना हमें वक़्त ने भी नहीं …Continue reading →

! ये मोहब्बत भी बड़ा अजीब होता है !

ये मोहब्बत भी बड़ा अजीब होता है कभी मेरे कभी तेरे दिल के करीब होता है ये अक्सर अजीब होता है होता हुँ कही मैं दिल कही और होता है ! Written by: Abhishek Verma FacebookTwitterGoogle+

! ये जज्बात भी अजीब होता है !

कभी फ़रियाद पूरी होती ये सोच भी अजीब होता है कभी बात पूरी होती ये जज्बात भी अजीब होता है बैठा रहू अकेला तन्हाई का साथ न हो करता रहू याद तुझे और कोई बात न हो…… अजीब सा है ये एहसास जिसमे जज्बात तो है पर बात न हो कहने को सब मालूम है मुझे धड़कने धड़क रही है …Continue reading →

! कभी तो जिंदगी मांगेगी हिसाब मुझसे !

कभी तो जिंदगी मांगेगी हिसाब मुझसे कह देंगे….न कुछ लेकर आया था न खुछ है अब भी मेरे पास कुछ अपने बने थे इस पथ पे सब बिछुड़ गए साथ साथ बस यादें रह गई है जो तुमने दी है और कुछ नहीं मेरे पास ! Written by: Abhishek Verma FacebookTwitterGoogle+

! आता नहीं नजर कुछ इस जहाँ में !

दिल ये शीसे का है जो टूटे और बिखर जाये….. जिस कदर वक़्त कभी वापस आता नहीं इस दिल में एक दर्द है जो कभी जाता नहीं…. हर कदम खुद को ठुकराया करते थे आज सँभालने की चाह है कम्ब्खत दिल है जो संभल पता नहीं… आता नहीं नजर कुछ इस जहाँ में मंजिल दिखती है दूर…कुछ समझ आता नहीं …Continue reading →

! वो वफ़ा का मंजर नजर आता है !

जज्बात दिलों के दिल में दबने लगे हम वक़्त वक़्त हमसे झगडने लगे कहने को साथ है तेरा तभी संभल जाते है वरना हम कहा खुद को नजर आते है…. इसे मोहबत कहुँ या इबादत रब की आँखे बंद कर चेहरा तेरा नजर आता है आज साथ नहीं तो क्या हुआ एहसास दिलों को नजर आता है…. वो बात पहली …Continue reading →

! अंधरे में है ख़वाब मेरे !

अंधरे में है ख़वाब मेरे…खो जाने का डर लगता है कैसे कहुँ क्या चाहता हुँ ऐ जिंदगी तुझसे गुम हो जाने का डर लगता है बड़ा लंबा सफर है…तन्हाई भी कम नहीं कही खुद ही बिखर न जाऊ… ये सोच कर डर लगता है कोशिशें भी नाकाम हो जाती है वक़्त भी कम पड़ता है…कही बिखर न जाऊ ये सोच …Continue reading →

! उल्फ़ते मोहब्बत में इक़रार क्या करे !

उल्फ़ते मोहब्बत में इक़रार क्या करे ज़ज्बात दिल की हो तो बात क्या करे कहने को सब कुछ मिलता है जहां में उलझने बहुत है वक़्त है कम इनमे किन संग प्यार क्या करे…. सोच कर घबराजाते है..सफर तन्हा लम्बा जो है बाते दिल से करे तो घबराजाते है सभी अपने संग है फिरभी नजर हम अंजान आते है उल्फ़ते …Continue reading →

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