Tere Mere Pal

Har Waqt Badalta Pal!

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! कैसे तुझे भुला दे…तू दर्पण मेरी है !

कैसे तुझे भुला दे…तू दर्पण मेरी है तेरे दिल में बसी…ये अर्पण मेरी है तेरे लबों पे हसी…ये पहचान किसका है आज मेरे दिल में है दर्द…और नाम किसका है कैसे तुझे भुला दे…तू दर्पण मेरी है ! Written by: Abhishek Verma FacebookTwitterGoogle+

! रंग तेरी यारी का है !

बेरंग सी इस जीवन में रंग तेरी यारी का है बिखरे पड़े दुनियादारी में संग तेरी यारी का है अगर न मिलते कभी अधूरे ही रह जाते हम कैसी होती जीवन मेरी जिनमे हर पल तेरी यारी का है ! Written by: Abhishek Verma FacebookTwitterGoogle+

! तुमसे मिलने का बहाना ढूंढता हूँ !

तुमसे मिलने का बहाना ढूंढता हूँ तुझ संग होने का बहाना ढूंढता हूँ ख़्वाबों में हम संग रोज़ होते है संग दिल होने का बहाना ढूंढता हूँ होकर मशग़ूल दोस्तों के संग फिर क्यूँ तुझे पाने का बहाना ढूंढता हूँ एहसास है इस दिल को तू रूह मेरी है…. तभी तुझे अपना बनाने का बहाना ढूंढता हूँ !!! Written by: …Continue reading →

! काश कोई शाम होता !

सोचा हो आयें कभी उनके गलियारों से जिन संग कभी नाम जुड़ा होता था हर के लबों पे ये पैगाम होता था जिन संग कभी सुबह कभी शाम होता था….. अब बस ख़्वाहिश यही है दिल की काश कोई शाम होता… बैठते उनकी जुल्फों की छाव में कभी सुबह कभी शाम होता ! Written by: Abhishek Verma FacebookTwitterGoogle+

! घनघॊर घटा तले सूरज का इशारा है !

घनघॊर घटा तले सूरज का इशारा है ये न तेरा न मेरा किनारा है बड़ी लंबी सफर है जिंदगी की रुकना न दिल हार के कल की नई सुबह के संग हर पल तेरा और हमारा है ! Written by: AbhishekVerma

! देख कर तस्वीर तेरी !

देख कर तस्वीर तेरी सब कुछ भुला देते हैं कुछ पल मुस्कुरा लेते हैं कुछ पल चुरा लेते हैं है तेरी यादें…जो जिना सीखा देती हैं दिल को बहला देती हैं हमें जिना सीखा देती हैं ! Written by: Abhishek Verma FacebookTwitterGoogle+

! ख्वाहिश एक दिल की !

ख्वाहिश एक दिल की तुम दिल मेरा जो होते न होती दर्द इस दिल में तुम दर्द की जगह जो होते खोते तेरे ख़्यालो में न किसी दर्द में हम होते झील तले संग बैठ तुझसंग सपने नए संजोते ! Written By: Abhishek Verma FacebookTwitterGoogle+

! तुमसे बिछुड़ना जरुरी था !

तुमसे मिलना जरुरी था…बिछुड़ना जरुरी था हिज्र की तपिश है ये …अब कैसे हो तुम ये हाल ए दिल समझना जरुरी था संग चल कर जो रोये हम बिछुड़कर हँसना जरुरी था आग लगी जो इस दिल में जल कर चमकना जरुरी था लाखों की इस भीड़ में…कही खो गए हम ये सलिखा सीखना जरुरी था तुमसे बिछुड़ना जरुरी था …Continue reading →

! दिल को यकी था…तुम मिलोगे कभी !

दिल को यकी था…तुम मिलोगे कभी युहीं हम तेरी राह देखते रहे… बरसों बीत गए तेरी राह तकते तकते दिल को अब भी है इंतज़ार तेरा… जब तुम मिलोगे कभी…हम खामोश होंगे ये पलकें करेंगी फिर भी…इंतज़ार तेरा… अब ये रूह है जो तुम्हारी है किसी कब्र में होगा लिबास मेरा ! Written by: Abhishek Verma FacebookTwitterGoogle+

! अजीब सा ये ख्वाब सा है !

दिल की आस..लबों की बात हर पल के सपने..अपनों का साथ एक अजब ख्वाब सा है | होठों पे हसी..खामोशी का साथ अकेला ये दिल..दिल की बात अजीब सा ये ख्वाब सा है !!! Written by: Abhishek Verma FacebookTwitterGoogle+